जब डोनाल्ड ट्रम्प ने किम जोंग को कहा रॉकिट नेता

Donald Trump

इस वक़्त जब उत्तर कोरिया और अमेरिका के बिच तनावपूर्ण हलात चल रहे है और रोहांग्या मुस्लिम का मुद्दा जोरों शोरों पर है इसी बीच विभिन्न देशों के नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिस्सा लिया। 193 सदस्यों की संयुक्त राष्ट्र महासभा को न्यूयॉर्क में 12 सितम्बर को आयोजित किया गया। इस महासभा में विभिन्न देशों के प्रतिनिधिओं और नेताओं ने अपने देश को सम्बोधित किया। इसका उद्देश्य अलग-अलग समस्याओं पर बात करके उनके लिए समाधान निकलना था। संयुक्त राष्ट्र महासभा में लंबे वक़्त से चल रहे मुद्दे जैसे की आतंकवाद, वातावरण परिवर्तन, रोहांग्या मुस्लिम, परमाणु परिक्षण आदि मुद्दों पर बात की गयी। भारत और पाकिस्तान में कश्मीर और आतंकवाद को लेकर ज़बानी जंग भी इस महासभा में देखने को मिली। संयुक्त राष्ट्र महासभा में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग को रॉकिट नेता कहा, डोनाल्ड ट्रम्प ने किम जोंग के व्यवहार को बदतर कहा। संयुक्त राष्ट्र महासभा में उत्तर कोरिया से संबोधित करने पहुंचे उत्तर कोरिया के राजदूत री योंग हो ने ट्रम्प पर उनके देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने का आरोप लगाया।

उत्तर कोरिया और अमेरिका के बिच तनावपूर्ण की स्तिथि और गंभीर होती जा रही है ऐसा इन नेताओं की बोली में साफ-साफ जलक रहा है। संयुक्त राष्ट्र ने सभी अंतर्राष्ट्रीय कम्युनिटी को राजनितिक भेदभाव से हठकर रोहांग्या मुस्लिम की मदद करने को कहा। फ्रांस, ब्रिटेन, अमेरिका और 4 अलग देशों ने इस मुद्दे के लिए मिलकर बात करने में रज़ामंदी दिखाई। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख जैद राद अल हुसैन और संयुक्त अरब अमीरात सहित कई इस्लामिक देशों ने म्यांमार पर रोहांग्या मुस्लिम से पीछा छुड़ाने का आरोप लगाया और म्यांमार आर्मी अभियान को रोहांग्या के खिलाफ उठाया जाने वाला कदम बताया। इसका जवाब देते हुए म्यांमार के दूत हाऊ डो सुआन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के अंतिम दिन पर जवाब देने के अधिकार का इस्तेमाल किया। सभी आरोपों को ख़ारिज करते हुए सुआन ने सभी टिप्पणियों को गैर ज़िम्मेदाराना टिप्पणियां बताया। उन्होंने इस मुद्दे को काफी जटिल बताते हुए अंतर्राष्ट्रीय बिरादरी से अनुरोध किया कि उत्तरी रखायन के हालातों को निष्पक्ष ढंग से देखे।

उल्लेखनीय है कि म्यांमार कि इस हिंसा में महिलाओं और बच्चों के साथ भी काफी बर्बरता की गई है। बांग्लादेश के शरणाथियों का इलाज कर रहे डॉक्टरों और हेल्थ कर्मचारिओं ने कहा की उन्होंने महिलाओं के शरीर पर जख्मों के निशान देखे है जो उनके साथ हुए बर्बरता को बयान कर रहे है। भारत की तरफ से विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया। उन्होंने गरीबी से निपटने के लिए भारत सरकार द्धारा उठाये गए क़दमों का ज़िक्र किया। सुषमा स्वराज ने जन धन योजना, मुद्रा योजना और उज्जवला योजना की चर्चा करते हुए इससे हुए फायदे के बारे में बताया। उन्होंने कहा की दुनिया में आतंकवाद आग की तरह फैल रहा है। आतंकवाद पर ज़िक्र करते हुए उन्होंने पाकिस्तान पर भी निशाना साधा। जिसका जवाब देते हुए पाकिस्तान ने झूठ का सहारा लेकर भारत पर आरोप लगाया। पाकिस्तान को सम्बोधित कर रही मलीहा लोधी ने भारतीय सेना द्धारा जम्मू-कश्मीर के नागरिकों  पर ज़्यादती का दावा किया। उन्होंने पैलेट गन से ज़ख़्मी एक लड़की के चेहरे की तस्वीर को भारतीय ज़्यादती के साबुत के तौर पर बताया। हालांकि, यह तस्वीर गाज़ा शहर के एक अस्पताल में इजराइल के द्धारा हुए हवाई हमले के बाद ली गए थी। संयुक्त राष्ट्र महासभा आरोप-प्रत्यारोप से भरपूर रही और नतीजों के तौर पर कुछ मिला तो बस  आरोप- प्रत्यारोप।

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