राजघाट पर बापू को नमन कर चुके है यह विश्वनेता…

World Leaders at Raj Ghat

जब भी कोई विदेश मंत्री भारत दौरे पर होता है तो राजनितिक संबंधों महत्वपूर्ण मुद्दों और विकास के साथ भारत की परम्पराओं को जानने की जिज्ञासा के साथ भारत के संघर्ष की गाथा सुनने आता है। भारत दर्शन में उन्हें बहुत सी चीज़े देखने को मिलती है साथ ही साथ राजनितिक चर्चा भी कामयाब होती है। भारत दौरा और भी सम्मानजनक हो जाता है जब वो हमारे देश के राष्ट्रपिता के स्मारक को श्रद्धांजलि अर्पित करता है। ऐसे में माना जाता है कि उक्त मंत्री के मन में भारत इतिहास के लिए सम्मान है। इन हाल के वर्षों में कितने राजनायिक भारत दौरे पर आय हैं उनकी एक नजर:

 शेख हसीना

4 अगस्त 2017 को बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत चार दिवसीय दौरे पर थीं। उनका शनिवार को राष्ट्रपति भवन में भव्य स्वागत हुआ। स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हसीना का अगुवाई के साथ स्वागत किया। उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद हसीना ने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी और कुछ पल वहाँ बिताये।

अबू धाबी

जनवरी 2017 को यू ई के युवराज ने भारत भ्रमण किया जिसमें 14 मुख्य बातो को लेकर भारत से चर्चा होनी थी। भारत की वृद्धि में यूएई महत्वपूर्ण सहयोगी है और उनकी ओर से भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश का योगदान होना तय था। पर इससे पहले यूएई के राजकुमार ने भी भारत दौरे में बापू का सम्मान करना नहीं भूले । इससे पहले राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति ने उनका स्वागत किया। फिर प्रिंस ने राजघाट पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
 
डोरिस लिउथर्ड

स्विट्जरलैंड की राष्ट्रपति डोरिस लिउथर्ड का 31 अगस्त 2017 को राष्ट्रपति भवन में भव्य स्वागत किया गया। वह चार दिवसीय भारत दौरे पर थीं। लिउथर्ड को गॉर्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जिसके बाद राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका स्वागत किया। इसके बाद लिउथर्ड ने राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात की।

बराक ओबामा 

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा दिसंबर 2010 मे अपनी धर्मपत्नी के साथ भारत भ्रमण पर पहली बार आये यहां आने पर उन्होंने राजघाट पर गाँधी जी को पुष्प अर्पित किये और उनके स्मरण में अपने विचार कुछ इस तरह रखे- ऐसी सभ्यता जो हज़ारों वर्षों से विश्व को आकार देती आई है निश्चय ही, भारत ने केवल हमारे दिमागों को ही नहीं खोला, उसने हमारी नैतिक कल्पनाओं का भी विस्तार किया ऐसे धार्मिक पाठों के जरिये जो आज भी आस्थावानों को मान- मर्यादा और संयम का जीवन जीने के लिये पुकारते हैं, ऐसे कवियों के जरिये जिन्होंने ऐसे भविष्य की कल्पना की जहां मन में कोई डर न हो, और सिर ऊंचा उठा रहे और एक ऐसे व्यक्ति के ज़रिये जिसका प्रेम और न्याय का संदेश आज भी कायम है- आपके राष्ट्रपिता महात्मा गांधी।

पियरे नकुरून्जिनजा

बुरुण्डी‍ गणराज्य् के राष्ट्रपति महामहिम पियरे नकुरून्जिनजा ने भारत के माननीय राष्ट्रीपति श्री प्रणब मुखर्जी के निमंत्रण पर 17 से 19 सितंबर, 2012 तक भारत की राजकीय यात्रा की। उनके साथ महामहिम प्रथम महिला श्रीमती डेनिस बुकुमी नकुरून्जिमजा तथा मंत्रियों एवं अधिकारियों का एक उच्चा स्तरीय शिष्टमंडल भी आया था। उनके साथ आने वाले मंत्रियों में महामहिम श्री लौरेंट कवाकुरे, विदेश संबंध एवं अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मंत्री; महामहिम सुश्री कयितेसी, कृषि एवं पशुधन मंत्री, तथा महामहिम श्री कॉम मनीराकिजा, ऊर्जा एवं खान मंत्री शामिल थे। 18 सितम्बर, 2012 को बुरुण्डीम के राष्ट्रपति का राष्ट्रिपति भवन में समारोह पूर्वक स्वागत किया गया। पियरे नकुरून्जिनजा ने राजघाट पर महात्मा गांधी जी की समाधि पर माला चढ़ाया तथा भारत के राष्ट्रपति को श्रद्धांजलि व्यमक्तम की।
 
रजब तैयब एर्दोग़ान

तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोग़ान अधिकारिक दौरे पर सपत्नीक भारत पहुंचे थे। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात कर आर्थिक संबंधों एवं आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सहयोग पर बातचीत करना चाहते थे। 16 अप्रैल को तुर्की में हुए जनमत संग्रह में जीत हासिल करने के बाद एर्दोगान ने अपना कूटनीतिक दायरा बढ़ाने के तहत वह भारत दौरे पर आये थे। हालाँकि इसके पूर्व वे बतौर प्रधानमंत्री 2008 में भारत का दौरा कर चुके हैं। राष्ट्रपति भवन में एर्दोगान के स्वागत में समारोह आयोजित किया गया जिसके तुरंत बाद उन्होंने राजघाट जाने की इच्छा जताई। इसके बाद वह राजघाट जाकर महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित किया।

एंजेला मर्केल

भारतीय प्रधानमंत्री के निमंत्रण पर जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल ने 4-6 अक्टूबर, 2015 के मध्य तीन दिवसीय भारत-दौरा संपन्न किया।जिसका उद्देश्य था वाणिज्य और निवेश के अतिरिक्त मुद्दों पर भारत से सम्बन्ध।उनके साथ एक प्रतिनिधिमंडल भारत आया हुआ था। 5 अक्टूबर, 2015 को राष्ट्रपति भवन में उनका औपचारिक स्वागत किया गया जिसके बाद एंजेला मर्केल ने दिल्ली के राजघाट जाकर महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की। और उनको नमन किया।

 डिल्‍मा रोउसेफ
 
ब्राजील संघीय गणराज्‍य की राष्‍ट्रपति महामान्‍या सुश्री डिल्‍मा रोउसेफ ने भारत के प्रधानमंत्री महामहिम डा.मनमोहन सिंह के निमंत्रण पर 27-31 मार्च, 2012 तक भारत का राजकीय दौरा किया।
अपनी यात्रा के दौरान ब्राजील की राष्‍ट्रपति ने भारत की राष्‍ट्रपति महामान्या श्रीमती प्रतिभा देवी सिंह से मुलाकात की। नई दिल्‍ली में समारोहपूर्ण स्‍वागत के उपरांत ब्राजील की राष्‍ट्रपति ने महात्‍मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए राजघाट का दौरा किया और उनके सम्मान में अपने विचार रखे।

बिद्या देवी भंडारी

भारत के पड़ोसी देशों में नेपाल की राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी अपने 18 अप्रैल  2017 भारत के पांच दिवसीय दौरे पर थीं। जिसके तहत वे बीते दिन राजधानी दिल्ली पहुंची थीं जिसके बाद आज राष्ट्रपति भवन में उनका औपचारिक स्वागत हुआ। उनका स्वागत खुद पीएम मोदी व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा किया गया था। जिसके बाद उन्होंने महात्मा गाँधी की समाधि राजघाट पर अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किये हैं।
 
शेर बहादुर देउबा

उसके बाद 24 अगस्त 2017 को नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा भारत दौरे पर आये अपने पांच दिन सरकारी यात्रा के दौरान एक दिन राजघाट के लिए निकाला जहाँ पर जाकर महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धासुमन अर्पित किये।

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