कत्थक नृत्यांगना पद्मश्री शोवना नारायण ने नृत्य द्वारा किया मंत्रमुग्ध

Padmashree Kathak Guru Shovana Narayan performing at Suncity School,Gurgaon

गुरुग्राम। भारतीय संस्कृति और सभ्यता को बताने के तत्वाधान में गुडगाँव स्थित सनसिटी स्कूल ने स्पाईमैके कार्यक्रम का आयोजन किया और इस कार्यक्रम में सनसिटी स्कूल,शिव नादर स्कूल,तथा एमिटी इंटरनेशनल स्कूल के छात्रों ने प्रख्यात कत्थक नृत्यांगना पद्मश्री शोवना नारायण के नृत्य को उत्साह के साथ देखा। फ्रांस से आये प्रतिनिधिमंडल के 25 सदस्यों के साथ-साथ अन्य दर्शक भी अपने कुर्सी से चिपक के बैठे रहे। कार्यक्रम भगवान विष्णु की प्रार्थना और महाभारत के द्रोपदी चीरहरण के भाव-अनुभाव के साथ शुरू हुआ। उन्होंने विभिन्न जानवरों के लयबद्ध भाव भंगिमा के प्रदर्शन द्वारा छात्रों से उन जानवरों का नाम भी पूछा।

गुरु बिरजू महाराज की छत्रछाया में प्रशिक्षित, शोवना नारायण लखनऊ और जयपुर कथक घराने से हैं।
यह एक पूर्व भारतीय लेखा और लेखा परीक्षा सेवा अधिकारी रही हैं तथा दो समानांतर करियर को एक साथ लेकर चलने और दोनों में बेहतरीन करने के कारण युवाओं के लिए एक आदर्श प्रेरणास्रोत हैं।

‘कोरियोग्राफर-परफॉर्मर’ के रूप में, शोवना नारायण ने पश्चिमी शास्त्रीय बैले के अग्रणी नृत्यांगनाओं, स्पेनिश फ्लैमेन्को, टैप डांस, बौद्ध भिक्षुओं के साथ बौद्ध भक्तों के साथ-साथ पश्चिमी शास्त्रीय संगीतकारों की रचनाओं के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोगों के साथ कार्य और नेतृत्व किया है। उन्होंने नृत्य पर कई किताबें भी लिखी हैं।

नृत्य के बाद शोवना नारायण ने बताया कि , “कत्थक 2500 वर्ष पुराना नृत्य कला है। मुझमें यह करने का उत्साह है और छात्रों के समक्ष प्रस्तुति देकर मुझे बहुत ख़ुशी मिलती है।” शोवना नारायण के पास कई उपलब्धियां हैं, जिनमें पद्मश्री, संगीत नाटक पुरस्कार, पारिषद सम्मान, राजीव स्मृति पुरस्कार और बिहार गौरव पुरस्कार शामिल हैं।

इस अवसर पर सनसिटी स्कूल की प्राचार्य रूपा चक्रवर्ती ने कहा कि, “ हम सनसिटी स्कूल में शैक्षिक और अन्य गैर शैक्षिक गतिविधियों के बीच एक संतुलन बनाने का प्रयास करते हैं। भारतीय शास्त्रीय नृत्य हमारी संस्कृति का आधार है और इस तरह का बेहतरीन प्रदर्शन हमारे भारतीय संस्कृति के बारे में बताता है। हमारी यह कोशिश लगातार जारी रहेगी की छात्र भारतीय संस्कृति को बखूबी जानें और समझें ।

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