इंस्पेक्टर विजय: अमिताभ को यह नाम इतना पसंद आया की उन्होंने इतनी फिल्मों में रखा अपना यह नाम

Amitabh Bachchan 75th Birthday

अमिताभ बच्चन वो शख्शियत हैं जो आज अपने आप में एक ब्रांड बन चुका है। सात हिंदुस्तानी से अपना फ़िल्मी सफर शुरू करने वाले अमिताभ बच्चन जिसकी आवाज़ में इतना दम है कि एक दौर में थिएटर सीटियों और तालियों से भर जाता था जब अमिताभ डायलॉग बोलते थे। अपनी पहले ही फिल्म से राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाज़े जाने वाले अमिताभ बच्चन डॉ हरिवंश राय बच्चन जी के पुत्र हैं। हरिवंश जी की दो संताने थी एक थे अमिताभ बच्चन और दूसरे अजिताभ बच्चन।

अपनी शुरू की औपचारिक पढाई पूरी करने के बाद अमिताभ जी बतौर क्लर्क एक कंपनी में 700 की मासिक पगार पर कार्यरत हुए। काम में मन नही लगा तो मुम्बई का रास्ता पकड़ लिया। एक बार रेडियो में अमिताभ बच्चन को काम देने से सिर्फ इसलिए मना कर दिया गया, क्योंकि इनकी आवाज़ में बहुत भारीपन था। उसके बाद 50 रूपये प्रति वॉइस ओवर पर जलाला आगा की कंपनी में अमिताभ जी ने काम किया।

अमिताभ जी के लिए फ़िल्मी संघर्ष बहुत आसान नहीं रहा पर फिर भी उन्होंने अपने दम पर फिल्मों की सफलता को अपना मोहताज़ बनाया और एक के बाद एक बेहतरीन फिल्में देते हुए सदी के महानायक की कुर्सी पर विराजमान हो गए।

फिल्मों में सक्रियता उनके 75वें वर्ष में भी यथावत जारी है जिस उम्र में आम हिंदुस्तानी अवकाश लेने की सोचने लगते हैं उस उम्र में ये शख्शियत युवाओं की तरह ऊर्जा से लबरेज है। आज अमिताभ बच्चन अपना 75वां वर्ष पूरा कर उम्र को अपने काम के आगे बौना साबित करने जा रहे हैं। फिल्मों से लेकर केबीसी के विनम्र होस्ट तक बच्च्चन जी के तरह- तरह के पहलु देखने को मिले हैं। वो ‘एंग्री यंग मैन’ भी रहें और रोमांटिक हीरो भी पर बच्चन जी आज भी अपनी क्रन्तिकारी अभिनय यात्रा जारी रखे हुए हैं। अभिमान, नमक हराम, बेमिसाल, मिली, चुपके-चुपके, जुर्माना, जैसी फिल्में अमिताभ जी के लिए एक बड़ी उपलब्धि थी तो वहीं जंजीर में उन्होंने ‘इंस्पेक्टर विजय’ के किरदार को जीवित किया था। उसके बाद तो उनका अभिनय और स्टाइल फिल्मों में जाने जाना लगा था।

इंस्पेक्टर विजय के चरित्र की आशातीत सफलता के बाद अमिताभ बच्चन की कुल 22 फिल्मों में विजय नाम रहा। साल 2000 के बाद हर फिल्म से उनका अभिनय थोड़ा आगे और परिपक्व होता दिखा। मोहब्बतें, बागबान, देव, ब्लैक , सरकार, चीनी कम, द लास्ट लियर, पीकू, पिंक अमिताभ जी के करियर में शामिल नयी पहचान देने वाली फिल्में साबित हुई।