फिल्‍मी दुनिया में फिल्‍म मेंकिग के तौर पर बना सकते हैं अपना करियर

Film Making

सिनेमा की रंग-बिरंगी दुनिया के बारे में कौन नहीं जानता। यहां कलाकारों की कोई कमी नहीं। आज का युवा सिनेमा की ओर खिंचा चला जा रहा है। यहां धन के साथ-साथ पहचान भी बनाती है। सिनेमा में सामाजिक और सांस्कृतिक बदलाव करने की ताकत है।

फिल्‍म मेंकिग एक चित्र द्वारा एक कहानी कहने की कला है। अगर आप आज के सिनेमा पर नजर डालते हैं, तो आप देखेंगे, कि लोग बिना किसी प्रशिक्षण के भी बहुत अच्‍छा काम कर रहे हैं। उदाहरण के तौर पर आप टाइटैनिक फिल्‍म ले सकते हैं। ऐसी महान फिल्म बनाने वाले ‘जेम्स कैमरून’ कभी फिल्म स्कूल में नहीं गए। फिल्‍म बनाना एक कला है। इसका प्रशिक्षण अगर आपके पास है, तो आप तकनीकी पक्ष बहुत अच्‍छे से समझ जाते हैं। मगर कहानी को दर्शकों तक मजेदार ढंग से कैसे पहुंचाया जाए, यह आपको कोई नहीं सीखा सकता है। करियर के लिहाज से फिल्मी दुनिया की बात की जाए तो इसमें काफी संभावनाएं मौजूद हैं।

फिल्‍म मेंकिग क्‍या है?
फिल्‍म मेंकिग में एक कैमरा होता है, जिससे फिल्म शूट होती है। फिल्म मेकिंग में सबसे पहले और सबसे जरूरी चीज स्‍क्रिरप्‍ट होती है, एक कहानी होती है, उस कहानी के मुताबिक चरित्र होते हैं,  हर कहानी की एक भाषा होती है, ध्वनियों होती है, जिसका दृश्यों के साथ मिलान होता है। स्पेशल इफेक्ट्स डाले जाते हैं और गीत-संगीत होता है, जिससे लोगों का मनोरंजन होता है। देखा जाए तो फिल्मों में क्रिएटिविटी और टेक्नोलॉजी का अनोखा मेल होता है और आज के वक्‍त में फिल्मों में नई-नई तकनीकों का प्रयोग किया जा रहा है। आज की फिल्‍म इंडस्ट्री में फिल्मों के कई प्रकार हैं, जैसे डिजिटल फिल्म, 3डी फिल्म आदि।

कितनी योग्यता जरूरी है 
फिल्म मेकिंग में ज्यादातर संस्‍थानों में पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स कराए जाते हैं। बैचलर स्तर पर भी कुछ संस्थान कोर्स कराते हैं। आप बैचलर कोर्स में दाखिला लेने के लिए चाहते हैं, तो आपकी न्यूनतम योग्यता 12वीं कक्षा होनी जरूरी है। वहीं अगर आप फिल्‍म मेंकिग में पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स करना चाहते हैं, तो उसके लिए न्यूनतम 40 फीसदी अंकों के साथ ग्रेजुएट की डिग्री होना जरूरी है।

फ़िल्म मेकिंग के बाद मिलेंगे यह अवसर
फिल्‍म का स्क्रीनप्ले लिखना
फिल्मों में निर्देशन करना
सिनेमेटोग्राफी, फिल्म के शॉट से जुड़े काम को सिनेमेटोग्राफी कहते हैं
वीडियो एडिटिंग
कोरियोग्राफी
बैकग्राउंड साउंड

सैलरी
इस क्षेत्र में अलग-अलग कामों के लिए अलग- अलग वेतन मिलता है। शुरुआती स्तर बात करें तो फिल्म से जुड़े किसी भी काम में 15 से 20 हजार रुपये वेतन मिलता है।

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