घर खरीदारों के लिए खुशखबरी: सस्ते घरों की परियोजनाओं में आयी तेजी…

Knight Frank India Report 2017

नई दिल्ली: अपनी अर्धवार्षिक रिपोर्ट- इंडिया रियल एस्टेट का आठवां एडीशन नाइट फ्रैंक इंडिया ने जारी किया। यह रिपोर्ट जुलाई-दिसंबर 2017 (एच 2 2017) की अवधि के लिए एनसीआर में आवासीय और कार्यालय बाजार के प्रदर्शन का व्यापक विश्लेषण प्रस्तुत करती है।

आवासीय रिपोर्ट:

एनसीआर में नई आवासीय परियोजनाओं का लॉन्च साल 2017 में पिछले वर्ष के मुकाबले ऐतिहासिक रूप से काफी कम हुआ है और क्षेत्र में नए घरों की आपूर्ति भी काफी कम दर्ज की गई है। एच2 2017 में नई परियोजनाओं में 25 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई, हालांकि ये उससे पिछले अर्ध से कुछ बेहतर अवधि रही।
जबकि 2017 में आवासीय बिक्री में 6 प्रतिशत की गिरावट आई, पर एच2 2017 में एच2 2016 की तुलना में 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ रूझान बदलते दिखे। 2016 में सस्ते घरों की शुरू की गई कुल 53 प्रतिशत नई परियोजनाओं में काफी तेजी दर्ज की गई और 2017 में इनकी संख्या बढ़ कर 83 प्रतिशत हो गई है। जिससे ये स्पष्ट संकेत मिलता है कि डेवलपर्स अब 50 लाख रुपए के मूल्य वाले दायरे में ही नई प्रॉपर्टीज को प्रस्तुत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

जबकि एनसीआर में चुने गए माइक्रो बाजारों में गुरुग्राम एच2 2017 में लॉन्च किए गए आवासीय परियोजनाओं में सबसे प्रमुख रहा है और कुल में से 54 प्रतिशत परियोजनाएं गुरुग्राम में ही हुई हैं, वहीं नोएडा में नई परियोजनाएं 77 प्रतिशत ओर ग्रेटर नोएडा में 76 प्रतिशत तक कम हो गई हैं। 2015 में अपने चरम पर पहुंचने के बाद से घरों की औसत कीमतों में एच 2 2017 में 9 प्रतिशत की तेज गिरावट देखी गई।
जबकि एच2 2017 में बेची गई इन्वेंट्री में 13 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, एनसीआर मार्केट को अपने अनबिके घरों के स्टॉक को खत्म करने में कम से कम 5 साल का समय लगेगा- ये आंकड़ा भारत में सबसे उच्चतम इन्वेंट्री वाले बाजारों में से एक है।

ऑफिस स्पेस बाजार रिपोर्ट:

एच2 2017 में ऑफिस लीजिंग में वार्षिक आधार पर 14 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई जबकि वार्षिक आधार पर 11 प्रतिशत की कुल गिरावट रही। लगभग 2.3 लाख वर्ग फुट का नया ऑफिस स्टॉक एच2 2017 में बाजार में प्रवेश कर चुका है, जो 27 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज करता है, हालांकि ये एक छोटा आधार ही है। वहीं खाली जगहों का स्तर एच2-2017 में 17 प्रतिशत तक पहुंच गया है जो कि एच2 2016 के मुकाबले (19 प्रतिशत) से मामूली कम है, जबकि गुरुग्राम के माइक्रो बाजार जैसे डीएलएफ साइबरसिटी और गोल्फ कोर्स रोड में ये एकल अंकों में ही रह गया है। गुरुग्राम ने 2017 में पूरे लीजिंग बाजार में प्रमुख हिस्सा प्राप्त किया और 59 प्रतिशत लीजिंग करार हासिल किए जबकि नोएडा और दिल्ली के कारोबारी केन्द्र दूसरे स्थान पर रहे। विकास में लगातार गिरावट ने ऑफिस स्पेस बाजार में आईटी/आईटीईएस क्षेत्र का हिस्सा घटाकर 2017 में 18 प्रतिशत तक ही सीमित कर दिया है जो कि अब तक का सबसे कम है।

एनसीआर में रियल एस्टेट बाजार को लेकर नए रुझानों और दिलचस्प परिणामों के बारे में बात करते हुए मुदस्सिर ज़ैदी, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, नॉर्थ ने कहा कि ‘‘वर्ष 2017 भी एनसीआर के आवासीय बाजार में नई परियोजनाओं के लॉन्च में कोई उत्साह नहीं लाया और कई अन्य कारणों से बिक्री में भी और कमी दर्ज की गई है क्योंकि बिक्री के लिए अधिक प्रोत्साहन ना मिलने और नीतिगत पहल जैसे रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 और जीएसटी जैसे प्रावधानों ने भी बिक्री पर असर डाला है। एनसीआर में 2010 में अपनी चरम पर रहने के बाद से रियल एस्टेट बाजार में लगातार गिरावट रही है और 2017 में इसने फिर से नीचे की तरफ ही गोता लगाया है। डेवलपर्स ने सावधानी से 2017 की शुरूआत में ही नई परियोजनाओं को शुरू करने पर अपने स्तर पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिसके परिणामस्वरूप 2016 में 26,734 यूनिट्स के लॉन्च के मुकाबले 2016 में ये 56 प्रतिशत की तेज गिरावट के साथ सिर्फ 11,726 यूनिट्स ही रह गए।’’

मुदस्सिर ज़ैदी ने आगे कहा, ‘‘एच2 2017 में एच2 2013, एच2 2014 और एच2 2015 में औसतन 24,707 यूनिट्स के मुकाबले बिक्री में 17 प्रतिशत की गिरावट आई है। नए प्रोजेक्ट्स की लॉन्चिंग कम होने और ऊपर नीचे चल रही बिक्री के परिणामस्वरूप इन्वेंट्री को 2017 में 2016 के मुकाबले 13 प्रतिशत कम कर दिया है। एनसीआर में अनबिके घरों की संख्या दिसंबर 2017 तक लगभग 166,831 यूनिट्स पर मौजूद थी और बिक्री के मौजूदा रूझानों को देखते हुए इनको बेचने में चार साल से अधिक का समय लगेगा। सस्ते घर और कीमतों में 10-15 प्रतिशत तक की बड़ी छूट ने ही अधिकांश बिक्री को प्रोत्साहित किया है। इस प्रकार एनसीआर अब धीरे-धीरे एक खरीददार के बाजार में बदल रहा है।’’

एनसीआर का ऑफिस मार्केट 2017 की दूसरी छमाही में भी प्रभावित करने में सफल नहीं रहा है। एच2 2017 में कुल 3.2 मिलियन वर्ग फुट ऑफिस स्पेस की लीजिंग करारों के साथ ही वर्ष 2016 में इसी अवधि की तुलना में 14 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। एच2 2017 बाजार में आने वाले लगभग 2.3 मिलियन वर्ग फुट के साथ कुछ नए प्रतियोगिता को देखा गया, जो 2016 में इसी अवधि में कम आधार के मुकाबले 28 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। एक बार फिर से गुरुग्राम ने 2017 में पूरे लीजिंग बाजार में प्रमुख हिस्सेदारी प्राप्त की है और उसके बाद नोएडा और दिल्ली के सैकेंडरी बिजनेस डिस्ट्रिक का नंबर आता है।

 

Title: Good news for home buyers: Cheap homes projects is Booming

Tags: #Knight Frank India #Real Estate Report #Affordable House

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